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Poem by DB soni

इमेज बरकरार हो...

जुल्म का मंजर रहे, आवाम सौ खंजर सहे, खून की नदी बहे या क़त्ल सौ हजार हो, ये हुक्मरां का हुक्म है इमेज बरकरार हो...2 घड़ियाल के हों आंसू और हजार इश्तेहार हो, झूठ बेशुमार हो, जुमले सौ हज...

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